वाई-फाई के माध्यम से लोगों की सटीक गिनती

वाई-फाई के माध्यम से लोगों की सटीक गिनती

शोधकर्ताओं ने नौ लोगों के साथ इसका सफल परीक्षण करने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि गिनती का यह तरीका मुख्य रूप से वायरलेस सिग्नल में आने वाले बदलावों पर निर्भर है। वाई-फाई कार्ड्स की सीधी लाइन में लोगों की मौजूदगी से संकेत कमजोर हो जाते हैं।

भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में चुनावी रैलियों में जुटी भीड़ की संख्या को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाती है। अब विशेषज्ञों ने वाई-फाई के माध्यम से भीड़ में मौजूद लोगों की सटीक गिनती करने का दावा किया है।

इससे आपदा के दौरान राहत और बचाव अभियान में भी मदद मिल सकती है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिग की प्रोफेसर यासामिन मोस्तोफी ने बताया कि एक निर्धारित क्षेत्र में मौजूद लोगों की गिनती वाई-फाई लिंक से प्राप्त ऊर्जा को मापकर आसानी से की जा सकती है।

इसके लिए लोगों के पास वाई-फाई उपकरण होना जरूरी नहीं है। शोधकर्ताओं के मुताबिक तकरीबन 70 वर्ग मीटर दायरे में दो वाई-फाई कार्ड को विपरीत दिशा में स्थापित कर लोगों की गिनती की जा सकती है। इसके लिए कार्ड के लिंक से प्राप्त ऊर्जा को मापा जाता है।

इसके अलावा लोगों की गतिविधि से संकेतों में बिखराव आता है, जिसे मल्टी-पाथ फेडिंग कहा जाता है। इन दोनों घटनाओं के आधार पर ही लोगों की संख्या का पता लगाने में मदद मिलती है

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